तुम्हारी जुस्तजू रहे, अदा रहे, गड़ा रहे
दुआ बस यही कि तू यूँ ही सड़ा रहे।
हसीं शामें हों, दिलरुबा हो, मैकदा हो
दुकान पर पेमेंट को तू यूँ ही अड़ा रहे।
तरन्नुम, तकल्लुफ, तवक्कुफ, उफ उफ
सब सनम के, तू नाली में यूँ पड़ा रहे।
गिर गईं कितनी चवन्नियाँ फटी जेब से
रुपयों के आगे तू लिए कटोरा खड़ा रहे।
जो फँस जाती है हमेशा जीन्स की जेब में
फटे पर्स उसमें बस बिल कोई बड़ा रहे।