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| भूखा कुत्ता |
अपनी प्रसिद्ध रचना 'वेटिंग फ़ॉर गॉडो' में सैम्युअल बैकिट एक खस्ता रचना से हमें रूबरू कराते हैं। अनुवाद है - कृष्ण बलदेव वैद का।
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रसोई में कुत्ता आया
चुरायी सूखी रोटी।
बावर्ची ने कलछ उठाया
और कर दी बोटी बोटी!
फिर सारे कुत्ते आये
रसोई में दौड़े दौड़े
और क़बर खोद कर उसकी
लिख दिया उसी पर यह -
'आने वाली कुत्ती नसलों के लिये'।
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किसी भी स्पष्टीकरण के लिये आप सैम्युअल बैकिट या कृष्ण बलदेव वैद से सम्पर्क कर सकते हैं। नेट आप के पास है- पता सता खुद ढूँढ़ लीजिये।
हाँ, इस रचना में परिवर्द्धन के लिये आप की पंक्तियाँ आमंत्रित हैं।
