बुधवार, 9 फ़रवरी 2011

इशक मस्ताना

सँभल सँभल जइयो वीर सँभल सँभल जइयो
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

इशक गली में आगे है बड़का पागलखाना
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

रंगे हाथ पकडे न जइहो, पहिर लियो दस्ताना
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

लैला है या है मजनू, मरजीना या मरजाना
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

अपना कुर्ता फाड के घूमें लोग कहें दीवाना
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

दुश्मन से न डरते यार हमका मार गया याराना
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

इशक के हाथ शहीद हुए हम इशक नहीं दुहराना
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

बेदर्दी को दे डाला दिल चक्की में पिसवाना
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

फत्ते प्यार करें उससे जो प्रेम से है अन्जाना
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

(परम आदरणीय संत कबीर से क्षमा याचना सहित)

8 टिप्पणियाँ:

: केवल राम : ने कहा…

बेदर्दी को दे डाला दिल चक्की में पिसवाना
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

आदरणीय गिरिजेश राव जी
बहुत सुंदर प्रस्तुति ...यह इश्क मस्ताना ....आपके ब्लॉग पर आकर बहुत कुछ विचारणीय लगा ..आप का प्रस्तुतीकरण बहुत रोचक है ...आपका शुक्रिया

Deepak Saini ने कहा…

वाह वाह क्या बात है
हम इशक मस्ताना फत्ते हम इशक मस्ताना।

ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…

मस्ती भरी सुन्दर प्रस्तुति !

ana ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति

Abhishek Ojha ने कहा…

दस्ताना नोट कर लेते हैं :)

anshumala ने कहा…

@ इशक गली में आगे है बड़का पागलखाना

हा बिल्कुल सही है |

Global Agrawal ने कहा…

अदभुद !

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

जय हो!

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